एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में मादक पदार्थ चिट्टे के खिलाफ प्रदेशव्यापी जन आंदोलन की शुरुआत की। रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक आयोजित महा वॉकथॉन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया। वॉकथॉन में समाज के हर वर्ग—विद्यार्थियों, जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों और धार्मिक संस्थानों—ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा नशा-विरोधी शपथ दिलवाकर की गई।

चौड़ा मैदान में जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “आज का दिन हिमाचल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। चिट्टे के खिलाफ यह लड़ाई सरकार नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन है। तस्करों को छुपने की कोई जगह नहीं बचेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल ऐसा प्रदेश बनेगा जहां चिट्टा केवल इतिहास की पुस्तकों में एक खत्म हो चुकी बुराई के रूप में दर्ज रह जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस लड़ाई में माताएं और महिलाएं सबसे बड़ी शक्ति होंगी। धार्मिक संस्थाओं से भी उन्होंने चिट्टा-विरोधी संदेश को व्यापक रूप से फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ तीन मोर्चों पर काम कर रही है—
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जागरूकता अभियान का विस्तार
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नशा माफिया पर कठोर कार्रवाई और कानून प्रवर्तन को मजबूती
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चिट्टे की चपेट में आए युवाओं का पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के शिकार युवा अपराधी नहीं हैं, उन्हें उपचार, प्यार और पुनर्वास की आवश्यकता है। सरकार ने नशा माफिया पर कार्रवाई के लिए पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम लागू कर दिया है। नए कानूनों में तस्करों के लिए मृत्युदंड, आजीवन कारावास, 10 लाख रुपये जुर्माना और संपत्ति जब्ती के प्रावधान शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही 1,000 एंटी-चिट्टा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जाएंगे जो पुलिस और जनता के बीच सेतु का कार्य करेंगे। पंचायत स्तर पर चिट्टा माफिया और नशे का सेवन करने वालों की मैपिंग भी पूरी कर ली गई है। बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल पाठ्यक्रम में नया अध्याय जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वॉकथॉन के सफल आयोजन के लिए पुलिस विभाग और सभी सहभागियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के बाद उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद किया तथा चिट्टे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। चिट्टा-प्रभावित परिवारों के दुख को साझा करते हुए उन्हें ढांढस भी बंधाया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी, विधायक, महापौर, निगम प्रतिनिधि, विभिन्न बोर्ड-निगमाध्यक्ष और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
