एआरबी टाइम्स ब्यूरो | धर्मशाला
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उससे जुड़े रैगिंग व यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों की जांच के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी धर्मशाला पहुंच गई है। यह पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति मृतक छात्रा से जुड़े पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। समिति यह भी परख रही है कि कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं की सुरक्षा, रैगिंग रोकथाम और यौन उत्पीड़न से जुड़े यूजीसी दिशा-निर्देशों का कितना पालन किया।
यूजीसी ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रो. राज कुमार मित्तल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। जबकि यूजीसी की पूर्व सदस्य प्रो. सुषमा यादव, गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता, पुडुचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. प्रकाश बाबू सदस्य हैं। यूजीसी की संयुक्त सचिव डॉ. सुनीता सिवाच समन्वय अधिकारी हैं। समिति पहले दिन कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर चुकी है और प्राचार्य, शिक्षकों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। समिति छात्राओं से संवाद के साथ ही आंतरिक शिकायत समिति की कार्यप्रणाली, रैगिंग निरोधक तंत्र छात्रा सहायता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का मौके पर मूल्यांकन करेगी। यूजीसी ने निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट व सिफारिशें आयोग को सौंपी जाएं।
उधर, पुलिस ने मृतक छात्रा के पिता के बयान न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वरुण शर्मा के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं, ताकि बयान की वैधानिक पुष्टि हो सके। मौत से पहले छात्रा का जिन आठ अस्पतालों में इलाज हुआ था, वहां से पूरा मेडिकल रिकॉर्ड पुलिस ने एकत्र कर लिया है। अब प्रदेश सरकार और डीजीपी कार्यालय से समन्वय कर मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि मौत के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।