एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ रामपुर ब्लॉक की बैठक चाटी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में दुग्ध उत्पादकों की प्रमुख समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा 26 नवंबर को रामपुर में होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के महासचिव राकेश सिंहा, किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक सुभाष ठाकुर, रणजीत, तुला राम और पूर्ण ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पिछले कार्यकाल की तुलना में दूध के दाम तो बढ़ाए हैं, लेकिन कई गंभीर समस्याएं अभी भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। इन समस्याओं के कारण पशु पालकों को आर्थिक व व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादकों को दूध की भुगतान राशि समय पर नहीं मिल रही है। कई बार पेमेंट दो से तीन महीने बाद मिलती है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाता है।
बैठक में यह भी उठाया गया कि पशु औषधालयों में डॉक्टरों की कमी के कारण टीकाकरण समय पर नहीं हो पाता, जिससे पशुधन प्रभावित होता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त दूध की गुणवत्ता मापने के लिए टेस्टिंग मशीनों की कमी और सोसायटियों के माध्यम से फीड उपलब्ध न होना भी बड़ी समस्याओं में शामिल हैं।
दुग्ध उत्पादक संघ ने सरकार से निम्नलिखित मांगें रखीं:
दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से की जाए।
सभी सोसायटियों में दूध गुणवत्ता जांचने हेतु टेस्टिंग मशीन उपलब्ध करवाई जाएं।
सोसायटियों के माध्यम से फीड उपलब्ध करवाई जाए।
पशु औषधालयों में डॉक्टरों के रिक्त पद तुरंत भरे जाएं।
बैठक में कृष्णा राणा, सुंदरी देवी, सुमन, शोभा राम, बुद्धि सिंह, शंकर मेहता, गंगा राम, तुला राम, सागर दास, पदम, दर्शन, राम पाल, दुर्गा सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
