शिमला। हिमाचल प्रदेश में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मैदानी क्षेत्रों में वीरवार सुबह घने कोहरा छाया। खासकर मंडी जिले में ब्यास नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 50 मीटर तक रह गई। वहीं, बिलासपुर, सुजानपुर, ऊना और सोलन के निचले इलाकों में भी दृश्यता घटकर 100 मीटर तक पहुंच गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल–स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात होने का पूर्वानुमान है। 7 दिसंबर को भी अधिक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है।
ताबो समेत चार क्षेत्रों में तापमान माइनस में
लाहौल–स्पीति में ठंड का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस 7.4 डिग्री तक गिर गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। कुकुमसेरी में पारा –4°C, समदो में –3.9°C और किन्नौर के कल्पा में न्यूनतम तापमान –0.6°C दर्ज किया गया। कुल्लू घाटी में भी कई इलाकों में पारा जमाव बिंदु के नजदीक पहुंच गया है।
अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे
मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक तापमान में और तेजी से गिरावट देखने मिल सकती है।
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उच्च पर्वतीय क्षेत्र: दिन का तापमान 10 से 16°C
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मध्य पर्वतीय क्षेत्र: 16 से 20°C
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मैदानी भाग: 15 से 22°C के बीच रहने का अनुमान
कुल्लू और लाहौल–स्पीति में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने से ठिठुरन और बढ़ेगी।
किन्नौर, शिमला और कुल्लू के ऊपरी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चले जाने के आसार हैं। वहीं, लाहौल–स्पीति में तापमान में अत्यधिक गिरावट के चलते कई स्थानों पर पाइपलाइन जमने लगी हैं और सुबह सड़कों पर परतदार बर्फ देखने को मिल रही है।
