एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में जल्द ही एक अत्याधुनिक सड़क सुरक्षा नियंत्रण एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर समेकित सड़क सुरक्षा प्रवर्तन प्रणाली (Integrated Road Safety Enforcement System) के तहत करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कमांड सेंटर से प्रदेशभर में लगाए जा रहे आधुनिक कैमरे जुड़े होंगे। यह प्रणाली ई-चालान, यातायात की निगरानी, सड़क अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को मज़बूती देगी बल्कि राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व सृजन में भी सहायक होगी।
पुलिस विभाग को मिलेगी हाई-टेक सुविधाएं
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के तहत पुलिस विभाग के लिए 3373 सड़क सुरक्षा प्रवर्तन उपकरणों की खरीद पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। राज्य सरकार पुलिस विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर रही है ताकि हिमाचल पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाया जा सके। पुलिस विभाग में हाल ही में 1200 कांस्टेबलों की भर्ती की गई है और आठ साल बाद बी-1 प्रमोशन टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। चिट्टे (ड्रग्स) के खिलाफ पुलिस विभाग का अभियान सराहनीय है और अब प्रदेश भर में इसे और तेज करने की तैयारी है। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, नीरज नैयर, विवेक शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत और पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी मौजूद रहे।
10 जिलों को मिले 66 पेट्रोलिंग वाहन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 66 नए पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाई। ये वाहन शिमला, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, सिरमौर, सोलन और चंबा के पुलिस थानों में तैनात किए जाएंगे। 18.42 करोड़ से वाहन खरीदे गए हैं। इनमें 35 इलेक्ट्रिक वाहन, 14 इंटरसेप्टर वाहन, 10 रैकर वाहन और 7 4WD डीज़ल वाहन हैं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सड़क दुर्घटनाओं को कम करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी यातायात प्रणाली विकसित करना है। पिछले तीन वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार कमी दर्ज की गई है, जो पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। रैकर वाहनों की तैनाती से दुर्घटना के बाद सड़कों पर वाहन हटाने और ट्रैफिक बहाली में तेजी आएगी।
