एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश – पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, मशोबरा में अत्याधुनिक स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि यह सेंटर आधुनिक तकनीकी उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास को गति देने के साथ-साथ पंचायतों के सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डिजिटल संसाधनों के साथ प्रशिक्षण को मिलेगा नया आयाम
यह सेंटर डिजिटल संसाधनों, ऑनलाइन शिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का एकीकृत मंच प्रदान करेगा। इससे प्रशिक्षणार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक से सीखने का अवसर मिलेगा। यह पहल पंचायती राज प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देगी।
राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज इस स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर की शुरुआत राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण शिविर से की जा रही है जिसमें 9 प्रदेशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेसा अधिनियम एक महत्वपूर्ण कानून है जिसमें प्रदेश के 3 जिलों की 163 पंचायत अधिनियम के अंतर्गत आती है। इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम यहां पर दूसरी बार किया जा रहा है। इस शिविर में 10 प्रदेश के लोगों के विचार आपस में साझा होने के साथ आपसी संपर्क भी बनेंगे।
शिविर में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के प्रतिभागी शामिल हुए, जिससे ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान हुआ।
कॉफी टेबल बुक व वीडियो डॉक्यूमेंट्री का विमोचन
इस अवसर पर मंत्री ने पेसा अधिनियम पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और राजीव गांधी स्वराज योजना पर आधारित वीडियो डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया।
अधिकारियों ने साझा की अपनी प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम में राज्य के ग्रामीण विकास सचिव राजेश शर्मा ने मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों और मास्टर ट्रेनर्स को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर नीलम दुलटा (अतिरिक्त सचिव), विजय ब्रागटा (उप निदेशक) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
