एआरबी टाइम्स ब्यूरो | नाहन
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में तैनात जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रेम प्रकाश (40) ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। मृतक राजगढ़ उपमंडल के हाब्बन क्षेत्र के कोढ़ब बागना गांव के निवासी थे। सोमवार को उनका शव गांव के पास जंगल में एक पेड़ से लटका मिला
सुसाइड नोट में ‘सिस्टम’ पर प्रहार
पुलिस को घटनास्थल से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें प्रेम प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि यह कोई निजी मामला नहीं था। सुसाइड नोट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- प्रशासनिक कार्यशैली: विभाग में आपसी संवाद की कमी और कार्य करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं।
- दबाव की राजनीति: नोट के अनुसार, विभागीय अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी उन पर गलत तरीके से काम करने का दबाव बना रहे थे।
- व्यवस्था से हताशा: उन्होंने लिखा कि सिस्टम की खामियों और विभागीय व्यवहार से तंग आकर वे यह कठोर कदम उठा रहे हैं।
परिजनों ने मांगी निष्पक्ष जांच
मृतक के पिता केदार सिंह ने बताया कि प्रेम प्रकाश कुछ दिनों से छुट्टी पर घर आए हुए थे और गहरे मानसिक तनाव में थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाए ताकि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों का चेहरा सामने आ सके।
”मेरा बेटा सिस्टम में हो रही गलत चीजों के खिलाफ था, लेकिन विभागीय दबाव ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया।” — केदार सिंह (मृतक के पिता)
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुसाइड नोट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रेम प्रकाश अपने पीछे एक चार साल का बेटा, पत्नी और वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं।
