एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में यह बात साफ सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा में यह रिपोर्ट पेश की। इसमें राज्य की आय, विकास दर, रोजगार और पर्यटन से जुड़े अहम आंकड़े दिए गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हिमाचल के लोगों की औसत कमाई बढ़ी है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 25,430 रुपये बढ़कर 2,83,626 रुपये हो गई है। पहले यह 2,58,196 रुपये थी। खास बात यह है कि यह राष्ट्रीय औसत से भी काफी ज्यादा है, यानी हिमाचल के लोग देश के औसत से बेहतर स्थिति में हैं।

राज्य की कुल अर्थव्यवस्था, जिसे GSDP कहा जाता है, भी तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि 2025-26 में यह 10.1 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। इसका मतलब है कि राज्य में व्यापार, उद्योग और सेवाओं में अच्छा काम हो रहा है। महंगाई के मामले में भी थोड़ी राहत मिली है, क्योंकि पिछले महीनों में कीमतों में गिरावट देखी गई है। अगर अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो खेती और उससे जुड़े कामों में भी सुधार हुआ है। कृषि, पशुपालन, मत्स्य और खनन जैसे क्षेत्रों में मिलाकर 8.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। यह क्षेत्र अभी भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की करीब 54 प्रतिशत आबादी इसी पर निर्भर है।
उद्योग और निर्माण क्षेत्र भी पीछे नहीं है। इस क्षेत्र में करीब 7.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। खासकर निर्माण कार्य में तेजी आई है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। सबसे ज्यादा योगदान सेवा क्षेत्र का है। इसमें होटल, पर्यटन, व्यापार, परिवहन और संचार जैसे काम आते हैं। इस क्षेत्र में 8.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। खासकर होटल और रेस्टोरेंट के कारोबार में तेजी आई है, जिससे साफ है कि पर्यटन का असर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक पड़ रहा है। पर्यटन की बात करें तो 2025 में हिमाचल में रिकॉर्ड 3.11 करोड़ पर्यटक पहुंचे। यह राज्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। पर्यटन से न सिर्फ सरकार की आय बढ़ती है, बल्कि लोगों को रोजगार भी मिलता है।

हालांकि, कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। पिछले चार साल में प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को 46,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जलवायु परिवर्तन का असर सेब और अन्य फसलों पर भी पड़ा है। इसके अलावा, राज्य में युवा बेरोजगारी दर 16.3 प्रतिशत है, जो चिंता का विषय है। एक और बड़ी समस्या यह है कि घर बनाना महंगा हो गया है। निर्माण सामग्री और मजदूरी की कीमतें बढ़ने से लोगों का खर्च बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था सही दिशा में बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ-साथ आम लोगों को भी इसका फायदा मिले। आने वाले समय में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
