एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सीबीएसई संबद्ध, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग तथा अन्य सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी और गणित विषय के शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्ती नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदेश भर में पांच वर्षों की अवधि में लगभग 800 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन शिक्षकों को 30,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, जो प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में 10 माह के लिए देय होगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, कक्षा पहली से बारहवीं तक अंग्रेजी को अनिवार्य विषय बनाने के बाद शिक्षकों की आवश्यकता बढ़ गई है। अब तक पीटीए, एसएमसी और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं के माध्यम से नियुक्तियां की जाती थीं, जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही थी। नई नीति के अंतर्गत संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के अनुरूप मेरिट आधारित भर्ती की जाएगी। चयन प्रक्रिया राज्य चयन आयोग, हमीरपुर या सरकार द्वारा अधिसूचित किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से पूरी की जाएगी। नियुक्त शिक्षक किसी भी नियमित कैडर में शामिल नहीं होंगे। इन पर सीसीएस, पेंशन या नियमित सेवा नियम लागू नहीं होंगे। नियुक्ति अवधि पांच वर्षों के लिए तय की गई है।
शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा
-
अंग्रेजी शिक्षक: एमए अंग्रेजी, बीएड और स्नातक स्तर पर अंग्रेजी विषय
-
गणित शिक्षक: एमए/एमएससी गणित के साथ बीएड
-
आयु सीमा: 25 से 45 वर्ष
-
एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग को नियमानुसार आयु व अंकों में छूट
मानदेय के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं
योजना के तहत शिक्षकों को:
-
12 आकस्मिक अवकाश
-
आधिकारिक कार्यों के लिए टीए-डीए
-
हिमकेयर और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ
आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को अतिरिक्त कक्षाएं लेनी होंगी और विकल्प शिक्षक के रूप में भी तैनात किया जा सकेगा।
सीबीएसई स्कूलों में अन्य शिक्षकों की भी नियुक्ति
सरकार प्रत्येक सीबीएसई स्कूल में एनटीटी, विशेष शिक्षक, वेलनेस और वोकेशनल टीचर की भी नियुक्ति करेगी। सभी कक्षाओं में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई अनिवार्य होगी। सरकार का उद्देश्य रटंत प्रणाली से हटकर कौशल आधारित और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देना
