शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपना वादा निभाते हुए बुधवार को शिमला के संजौली से रामपुर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया। क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत शुरू हुई हेली-हॉप हिमाचल सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चार माह में हमीरपुर, चंबा और पालमपुर के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में हवाई संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को मिलेगी सुविधा
नई हेलीकॉप्टर सेवा के तहत संजौली से सुबह 9:55 बजे उड़ान भरेगा, जो 10:30 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद सुबह 10:50 बजे रामपुर से रिकांगपिओ के लिए उड़ान रवाना होगी और 11:25 बजे वहां पहुंचेगी। वापसी में हेलीकॉप्टर सुबह 11:30 बजे रिकांगपिओ से उड़ान भरेगा और दोपहर 12:05 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद दोपहर 12:10 बजे रामपुर से संजौली के लिए उड़ान होगी, जो 12:45 बजे पहुंचेगी। यह सेवा सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध रहेगी।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं है, बल्कि पहाड़ों में बदलते समय, नई सोच और विकास की संभावनाओं का प्रतीक है। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होगा, पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी, स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल के हर कोने को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ना है। लोगों को सुगम, सहज और समयबद्ध संपर्क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिमला में हवाई संपर्क को और मजबूत करने के लिए जमीन चिन्हित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
हेलीकॉप्टर सेवा पर हर माह खर्च होंगे 35.70 लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उड़ानों के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वायबिलिटी गैप फंडिंग) की पूरी राशि राज्य सरकार वहन कर रही है। इस पर सरकार हर माह लगभग 35.70 लाख रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने के उद्देश्य से कुल 16 हेलीपोर्ट के निर्माण और विकास पर भी काम किया जा रहा है।
गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार पर भी काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कांगड़ा के गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से 2,400 करोड़ रुपये लोगों को वितरित कर चुकी है। पुनर्वास के लिए भी राशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तार के बाद हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से इसे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
