शिमला | हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज चिट्टा बरामदगी के मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान रामपुर निवासी अविनाश कपूर (31), विशाल ठाकुर (26) और खुशवंत सिंह (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर तीनों की संलिप्तता का पता लगाया है। फिलहाल मामले में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
शोघी में बस की तलाशी के दौरान मिला था चिट्टा
पुलिस के अनुसार, 13 अक्तूबर 2026 को शोघी पुलिस चौकी के नजदीक नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिस टीम ने एक बस को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बस के ऊपर सामान रखने वाले रैक में एक काले रंग का पिट्ठू बैग मिला। बैग की जांच करने पर उसमें से करीब 36 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। पुलिस ने बैग के मालिक का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर बैग का मालिक नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में बैग के मालिक की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती थी। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले के अन्वेषण के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इन साक्ष्यों की जांच के आधार पर रामपुर निवासी तीन व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने अविनाश कपूर को 16 अक्तूबर 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद 19 अक्तूबर को पुलिस थाना बालूगंज की टीम ने रामपुर में कार्रवाई करते हुए विशाल ठाकुर और खुशवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
चिट्टे की सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
