एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगों ने एक 75 वर्षीय सेवानिवृत बैंक अधिकारी को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 80 लाख रुपये की ठगी कर ली। अपराधियों ने उन्हें वीडियो कॉल पर पुलिस अधिकारी बनकर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी। ठगों ने ऑनलाइन कोर्ट की फर्जी कार्यवाही भी दिखाई और पीड़ित को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने तक उन्हें पैसे बैंक खातों में जमा कराने होंगे। इस बहाने आरोपी ने बुजुर्ग को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और उनसे अलग-अलग खातों में 80 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब बुजुर्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें सच्चाई का पता चला कि वह साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल में बढ़ रहे हैं डिजिटल अरेस्ट के मामले
पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें पीड़ितों से कुल 2.42 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। पुलिस ने लोगों को सचेत रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऐप से बचने की सलाह दी है।
✅ डिजिटल अरेस्ट से बचने के तरीके
1. संदिग्ध कॉल से सावधान रहें
अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस/सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन पर बात करता है और पैसे मांगता है, तो यह 100% धोखाधड़ी है।
याद रखें, कोई भी सरकारी एजेंसी फोन/वीडियो कॉल पर जांच या कार्रवाई नहीं करती।
2. पर्सनल जानकारी साझा न करें
किसी भी अनजान कॉल/लिंक/ईमेल पर आधार नंबर, बैंक डिटेल्स, OTP न बताएं।
किसी भी फर्जी ऐप को इंस्टॉल करने से बचें।
3. पैनिक न हों, तुरंत सोचें
ठग डराने और धमकाने की कोशिश करेंगे (जैसे – मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स केस, आतंकवाद फंडिंग)।
घबराकर तुरंत ट्रांजेक्शन न करें।
4. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें
अपने बैंक अकाउंट, UPI और ईमेल पर 2FA लगाएं।
इससे अनधिकृत लॉगिन की संभावना कम हो जाती है।
5. शॉर्टकट चेक करें
अगर कोई खुद को पुलिस/CBI बताता है → अपने लोकल थाने में तुरंत कॉल करें।
सरकारी संस्थाएं कभी WhatsApp/Zoom/Google Meet पर जांच नहीं करतीं।
6. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
किसी भी SMS/ईमेल में आए लिंक पर क्लिक न करें।
केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप का इस्तेमाल करें।
7. तुरंत शिकायत करें
अगर लगे कि आप फंस गए हैं, तो तुरंत 1930 (National Cyber Crime Helpline) या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, उतना ही पैसा वापस पाने की संभावना रहती है।
