एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल पद पर पदोन्नति के लिए रविवार, 9 नवंबर को प्रस्तावित बी-1 परीक्षा अब नहीं होगी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से परीक्षा पर रोक लगाए जाने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इसे तत्काल रद्द कर दिया है। आठ साल से प्रमोशन का इंतजार कर रहे सैकड़ों पुलिस कर्मियों के लिए यह फैसला बड़ा झटका साबित हुआ है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा रद्द होने की सूचना भेज दी है और सभी तैयारियां रोकने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने अश्विनी कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य मामले में यह आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों को 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तर्क दिया कि हेड कॉन्स्टेबल पदोन्नति के लिए बी-1 परीक्षा की वर्तमान प्रासंगिकता पर गंभीर प्रश्न हैं। यह परीक्षा सात साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है, जबकि स्टैंडिंग ऑर्डर के अनुसार यह परीक्षा हर वर्ष अगस्त में होनी चाहिए थी। पिछली बार यह परीक्षा वर्ष 2017 में हुई थी। याचिका में कहा गया कि लंबे अंतराल के कारण वरिष्ठ पुलिस कर्मियों को भारी नुकसान हो रहा है।
वे 24 घंटे ड्यूटी करने के बावजूद अब युवा अभ्यर्थियों से प्रतिस्पर्धा करने को मजबूर हैं, जो हाल ही में स्नातक हुए हैं और परीक्षा पाठ्यक्रम से अधिक परिचित हैं। वर्ष 2013 में पुलिस विभाग ने बी-1 टेस्ट समाप्त कर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने की सिफारिश की थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पुलिस की अन्य शाखाओं में कर्मचारियों को तीन-चार बार प्रमोशन का अवसर मिल चुका है, जबकि सामान्य कांस्टेबलों को यह मौका बेहद दुर्लभ रूप से मिलता है। बता दें कि इससे पहले बेस्ट दो बार स्थगित हो चुका था।
