एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या ठाकुर की अध्यक्षता में कुल्लू में आयोग का पहला कोर्ट सत्र आयोजित किया गया, जिसमें तीन जिलों के मामलों की सुनवाई की गई। इससे पहले इसी प्रकार की सुनवाई शिमला में आयोजित की जा चुकी है। इस सत्र में लाहौल-स्पीति, कुल्लू और मंडी जिलों के 27 मामले सूचीबद्ध किए गए, जिनमें से 18 मामले सुनवाई हेतु प्रस्तुत किए गए। इन मामलों में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, संपत्ति में हिस्सेदारी और पारिवारिक देखभाल से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
अध्यक्ष विद्या ठाकुर ने बताया कि तीन मामलों में पक्षकारों को आपसी सुलह के लिए समय दिया गया, जबकि कुछ मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस और प्रोटेक्शन ऑफिसर को भेजा गया। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग का उद्देश्य महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और सम्मान दिलाना है। सुनवाई में कुछ विधवाएँ शामिल थीं जिन्हें संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं दी गई थी, साथ ही कुछ वृद्ध माता-पिता ने अपने बच्चों द्वारा उपेक्षा की शिकायतें दर्ज करवाई थीं। इस अवसर पर आयोग की सदस्य रीना धरोच, रीना पुंडीर, सदस्य सचिव यशपाल शर्मा और अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।