एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मंडी
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे, रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार को कोसना बंद कर टकराव का रास्ता छोड़ना चाहिए, क्योंकि इसी में प्रदेश की भलाई है।
सुंदरनगर स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला और नेरचौक में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ की बैठक में जयराम ठाकुर ने भाग लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैचारिक और बौद्धिक सशक्तिकरण का माध्यम है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने के मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कानूनी सलाह के लिए मुख्यमंत्री ने दिल्ली में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा करना उचित है, लेकिन केंद्र के साथ टकराव की राजनीति नुकसानदायक होगी। अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब उनके समय आरडीजी रुकी थी, तब उन्होंने संवाद और शालीनता से इसे बहाल कराया था। नेता प्रतिपक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने का समय मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी मुख्यमंत्री को तवज्जो नहीं दी, जिससे दिल्ली दौरा निष्फल साबित हुआ।
कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि दिनदहाड़े स्कूल में हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के बावजूद अपराधी बेखौफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर सदन में जवाब देना होगा।
