मंडी। हिमाचल में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर आज मंडी में जन संकल्प सम्मेलन का आयोजन कया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार अपने तीन वर्ष के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने पेश करेगी। इस कार्यक्रम को 2027 विधानसभा चुनावों की शुरुआती रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंच से तीन साल की उपलब्धियों के साथ आने वाले दो वर्षों का विजन दस्तावेज भी जारी करेंगे।
मंडी जिला कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। 2022 विधानसभा चुनाव में यहां की 10 में से 9 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। ऐसे में सरकार ने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल का प्रमुख कार्यक्रम मंडी में रखकर इसे राजनीतिक संदेश देने वाली रणनीति बताया है। कांग्रेस इसे जिले में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का अवसर मान रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने दावा किया है कि 20–25 हजार लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे। लोगों को ले जाने के लिए करीब 1000 बसें लगाई गई हैं। पूरा शहर कांग्रेस के झंडों, बैनरों और सरकारी योजनाओं के पोस्टरों से सजा दिया गया है। मंडी के पड्डल मैदान में उपलब्धियों से जुड़े कई बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं।
‘जश्न’ से ‘जन संकल्प’नाम बदलकर विवाद से बचाव
शुरू में कार्यक्रम का नाम जश्न रखा गया था, लेकिन हालिया आपदाओं को देखते हुए विपक्ष की आलोचना के बाद इसे बदलकर जन संकल्प सम्मेलन कर दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम उत्सव नहीं, बल्कि जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मंडी शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे कार्यक्रम स्थल की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। ट्रैफिक रूट डायवर्ट कर विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
तीन साल के मेधावी छात्रों को सम्मान
पहली बार राज्य सरकार तीन शैक्षणिक सत्रों 2023, 2024 और 2025 के टॉपर्स को एक साथ सम्मानित कर रही है।
-लगभग 10,000 मेधावी छात्रों को वाउचर दिए जाएंगे।
-प्रत्येक जिले से चुने गए दो छात्रों को मुख्यमंत्री मंच से सम्मानित करेंगे।
-शिक्षा विभाग ने विशेष आमंत्रण जारी किए हैं।
श्रमिकों और महिलाओं को आर्थिक सहायता
हिमाचल भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के मुताबिक कार्यक्रम में
-4,000 पंजीकृत श्रमिकों को 15 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।
-19 एकल, विधवा व दिव्यांग महिलाओं को 1–1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
-बोर्ड अब तक श्रमिक हितों पर 63 करोड़ रुपये और उनके बच्चों की शिक्षा पर 9.28 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है।
-योजनाओं के प्रचार के लिए 41 विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं।
