एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
विधान सभा कार्यालय शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के तीन साल के कार्यकाल को नाकामी और निराशा से भरा बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान लगभग 500 लोगों ने जान गंवाई, हजारों लोग बेघर हुए और व्यापक पैमाने पर फसल व पशुओं का नुकसान हुआ, लेकिन सरकार अब भी हर पीड़ित तक राहत पहुंचाने में विफल रही है।
इसके बावजूद सरकार तीन साल के पूरे होने पर जश्न मनाने जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार में “जरा सी भी लज्जा बची है”, तो जश्न मनाने के बजाय आपदा प्रभावितों की सहायता पर ध्यान देना चाहिए।
केंद्र से मिली भारी सहायता, फिर भी राहत अधूरी—जयराम
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2023 की आपदा में केंद्र सरकार ने सेना, एनडीआरएफ, वायुसेना और अन्य एजेंसियों के जरिए अभूतपूर्व सहयोग दिया। केंद्र ने अब तक 5500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आपदा राहत के नाम पर दी है। इसके अलावा एनडीआरएफ व एनडीएमएफ के तहत 225 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से दिए गए हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार 400 करोड़ रुपये की राशि भी प्रभावितों तक नहीं पहुंचा पाई, जबकि स्वयं मुख्यमंत्री ने 4500 करोड़ के स्पेशल पैकेज का एलान किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपये “पत्थर की लकीर” हैं और उसकी एक-एक पाई राज्य को मिलकर रहेगी।
बिहार चुनाव के नतीजे मोदी की नीतियों की जीत
जयराम ठाकुर ने कहा कि बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत नरेंद्र मोदी की नीतियों, नेतृत्व और सुशासन की विजय है। कांग्रेस की हालत इतनी खराब हुई कि वह “एक बोलेरो भर सीटों” तक सीमित रह गई। हिमाचल में भी कांग्रेस की यही स्थिति होने वाली है क्योंकि झूठी गारंटियों का दौर समाप्त हो चुका है।
सत्र लंबा नहीं, प्रभावी हो—जयराम
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर बार विधानसभा सत्र लंबा करने की बात करते हैं, लेकिन सत्र के दौरान उनकी गंभीरता कहीं नजर नहीं आती। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब न तो दिया जाता है और न ही मुद्दों पर संज्ञान लिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र में आपदा बहस के दौरान स्वयं सदन से दूरी बनाई और बिहार में राजनीतिक यात्रा में व्यस्त रहे। उन्होंने मांग की कि सरकार सत्र को लंबा करने के बजाय प्रभावी और जवाबदेह बनाए।
संजौली मस्जिद विवाद—कानून का पालन करे सरकार
संजौली मस्जिद मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि जब कोर्ट ने संरचना को अवैध माना है तो सरकार को जनभावनाओं और कानून, दोनों का सम्मान करते हुए विधि सम्मत कार्रवाई करनी चाहिए।
पंचायत चुनाव पर सरकार की मंशा संदिग्ध
उन्होंने कहा कि सरकार आपदा का हवाला देकर पंचायत चुनाव को टालने की कोशिश कर चुकी है। मुख्यमंत्री के हालिया वक्तव्य भी यही संकेत देते हैं कि वे चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि सरकार आगे भी चुनाव में अड़चन पैदा कर सकती है।
इस मौके पर भाजपा नेता विपिन परमार, सतपाल सिंह सत्ती, बिक्रम ठाकुर, राकेश जमवाल, सुरेंद्र शौरी, इंदर सिंह गांधी और दलीप ठाकुर भी उपस्थित रहे।
