एआरबी टाइम्स ब्यूरो | धर्मशाला
धर्मशाला नशा तस्करी मामला : हिमाचल प्रदेश राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल धर्मशाला के चेयरमैन जसवंत सिंह की अदालत ने नशा तस्करी के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने हेरोइन (चिट्टा) के साथ पकड़े गए आरोपी को दोष साबित होने पर 10 वर्ष का कठोर कारावास, जबकि नशीले कैप्सूलों के साथ पकड़े गए दूसरे आरोपी को छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस थाना डमटाल जिला कांगड़ा की टीम 27 सितंबर 2020 की रात करीब 11:30 बजे गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस टीम भाटिया स्टोन क्रशर के सामने स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर दो युवक घबरा गए और भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को काबू कर लिया। आरोपियों की पहचान अमन कुमार उर्फ बिल्ला निवासी इंदौरा और राजन उर्फ प्रिंस निवासी इंदौरा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान एक आरोपी द्वारा फेंके गए काले लिफाफे से 495 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 327.7 ग्राम था। वहीं, दूसरे आरोपी द्वारा फेंके गए पारदर्शी पॉलीथिन से 3.02 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह अदालत में पेश किए गए। साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने अमन कुमार उर्फ बिल्ला को छह माह का कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, राजन उर्फ प्रिंस को 10 वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
