एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। पूर्व भाजपा प्रत्याशी और हिमकोफैड के पूर्व अध्यक्ष कौल सिंह ने प्रेस वार्ता में सरकार से मांग की है कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र के उन घरों को, जो अब रहने योग्य नहीं बचे हैं, फूली डैमेज (Fully Damaged) घोषित किया जाए। साथ ही, प्रभावितों को सरकार द्वारा ₹7 लाख की राहत राशि प्रदान की जाए।
कौल सिंह ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से रामपुर विधानसभा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दारण, उच्ची, नरेण, शरनाल और उरमण जैसे गांव पिछले 2-3 वर्षों से लगातार भू-स्खलन की चपेट में हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि 15/20 क्षेत्र के सरपारा, कूट, गानवी और 12/20 क्षेत्र को जोड़ने वाला सेरी पुल टूट चुका है, जिससे ननखड़ी सहित कई गांव सड़क सुविधा से वंचित हो गए हैं। इन क्षेत्रों में न तो परिवहन की सुविधा है और न ही आवश्यक सेवाएं पहुंच रही हैं।
ग्रामीण सड़कों की बहाली की मांग
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य सड़कों की मरम्मत और बहाली को प्राथमिकता देने की मांग की, ताकि लोगों को राहत मिल सके। कौल सिंह ने यह भी कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम को उन क्षेत्रों में बस सेवा शुरू करनी चाहिए, जहां सड़कें आंशिक रूप से चालू हैं।
अधिसूचना मंडी तक सीमित क्यों?
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी ₹7 लाख राहत वाली अधिसूचना केवल मंडी क्षेत्र तक सीमित है। जबकि रामपुर के गानवी गांव जैसे इलाकों में तीन परिवार पूरी तरह बेघर हो चुके हैं, फिर भी उन्हें आज तक कोई लाभ नहीं मिला है।
कौल सिंह ने जोर देकर कहा कि ऐसी अधिसूचना पूरे क्षेत्र के लिए जारी की जाए और उन मकानों को भी शामिल किया जाए, जिनमें दरारें आ चुकी हैं और अब वे रहने योग्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सैकड़ों सेब के पौधे और जमीनें भी आपदा में प्रभावित हुई हैं।
इस अवसर पर रामपुर मंडल अध्यक्ष सुरेश चौहान, सराहन से महेंद्र सिंह जैन, ननखड़ी से जिया लाल, विजय गुप्ता, राम मूर्ति और अनिल बुधैल भी उपस्थित रहे।
