एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
मंडी का अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2026 इस बार विशेष, ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। मंडी नगर की स्थापना के 500 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस महोत्सव को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय आम सभा की बैठक में लिए गए। महाशिवरात्रि महोत्सव की प्रथम जलेब 16 फरवरी, दूसरी जलेब 18 फरवरी तथा तीसरी व अंतिम जलेब 21 फरवरी, 2026 को निकाली जाएगी।
विधायक धर्मपुर एवं आम सभा के अध्यक्ष चंद्रशेखर की अध्यक्षता में कांगणीधार स्थित संस्कृति सदन में साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देवताओं के ठहराव एवं आदर-सत्कार की व्यवस्था, सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रमों का स्वरूप, स्वच्छता एवं यातायात प्रबंधन, कला एवं साहित्य महोत्सव, स्मारिका प्रकाशन तथा वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आम सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि इस बार शिवरात्रि मेले को पूरी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा। मंडी शहर के 500 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को स्मरणीय बनाने के लिए नगर में 10 प्रमुख स्थान चिन्हित किए जाएंगे, जिससे आमजन और श्रद्धालु मंडी के ऐतिहासिक सफर के 500 वर्षों का अनुभव कर सकें। उन्होंने सभी सदस्यों से आयोजन को सफल बनाने के लिए समन्वय और सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि महोत्सव के सभी प्रमुख कार्यक्रम ‘एंटी चिट्टा’ थीम पर आधारित होंगे। पिछले वर्ष प्रारंभ की गई व्यास आरती का आयोजन इस वर्ष भी किया जाएगा। नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा वर्करों को भी एंटी चिट्टा कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा।
खेल गतिविधियों को लेकर निर्णय लिया गया कि पिछले वर्ष की भांति इस बार भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। जनवरी माह में क्रिकेट लीग आयोजित होगी, जिसमें 32 टीमें भाग लेंगी और लीग आधार पर कुल 31 मैच खेले जाएंगे। खेल प्रतियोगिताओं में मंडी जिला के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में निर्णय लिया गया कि इस बार सांस्कृतिक संध्याओं में केवल हिमाचली कलाकारों को ही आमंत्रित किया जाएगा। प्रदेश के आपदा काल से गुजरने के मद्देनजर स्थानीय कलाकारों को अधिक मंच प्रदान करने पर सहमति बनी। हालांकि, पूर्व की भांति इस बार भी विदेशी कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा। सभी सांस्कृतिक संध्याएं सेरी मंच पर ही आयोजित होंगी।
देवताओं के ठहराव को लेकर बैठक में विभिन्न सुझाव सामने आए। पड्डल मैदान में चानणी से खेल विभाग कार्यालय तक की सीढ़ियों पर देवताओं के विराजमान होने तथा इंदिरा मार्केट की छत पर ठहराव के प्रस्ताव रखे गए। सर्वदेवता समिति एवं कारदार संघ की ओर से अस्थायी पैगोडा शैली के तंबू लगाने का सुझाव भी दिया गया। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि स्थल का निरीक्षण कर सभी संबंधित पक्षों की सहमति से अंतिम निर्णय लिया जाएगा और देवताओं को पूर्ण मान-सम्मान प्रदान किया जाएगा।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया गया कि मेले के दौरान अतिरिक्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कूड़ा उठाने के लिए अतिरिक्त वाहन लगाए जाएंगे तथा विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन स्थापित किए जाएंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए प्रथम पुरस्कार 7100 रुपये, द्वितीय 5100 रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 3100 रुपये निर्धारित किया गया।
मेले से पूर्व नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी, जबकि लोक निर्माण विभाग द्वारा मलोरी टनल से पुल घराट तक सड़क की बीयरिंग का कार्य किया जाएगा।
बैठक में जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशी शर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, नगर निगम के महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा, जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर, एचपीएमसी निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर सहित आम सभा के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
