एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
नगर परिषद कॉन्ट्रैक्ट वरकर्स यूनियन रामपुर का आठवां सम्मेलन मजदूर–किसान भवन चाटी में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। सम्मेलन के संचालन के लिए चार सदस्यों का अध्यक्षमंडल गठित किया गया। सम्मेलन में 13 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें ललिता को अध्यक्ष, देविंदर को उपाध्यक्ष, संतोष को महासचिव, मीना को सचिव तथा मंजू को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं मनीता, एतवारी, नीलम, सोनिया, शोषण, नील चंद, राजू राणा और सुशीला को सदस्य बनाया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए जिला सचिव दिनेश मेहता ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियां लागू की जा रही हैं। चार मजदूर विरोधी लेबर कोड और मनरेगा कानून को कमजोर करने के उद्देश्य से लाया गया वीबी–जी–राम–जी कानून मजदूरों के शोषण को बढ़ाने वाला है।
उन्होंने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों, वेतन, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं। औद्योगिक संबंध कोड 2020 के तहत हड़ताल पर कठोर शर्तें लगाकर मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को लगभग निष्प्रभावी कर दिया गया है। वहीं सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 असंगठित, प्रवासी, गिग और प्लेटफॉर्म मजदूरों को वास्तविक सुरक्षा देने में विफल है।
दिनेश मेहता ने मांग की कि चारों लेबर कोड और वीबी–जी–राम–जी कानून को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि पुराने श्रम कानूनों को बहाल कर, व्यापक चर्चा और भारतीय श्रम सम्मेलन जैसे प्रतिनिधि मंचों के माध्यम से मजदूर हितैषी सुधार किए जाने चाहिए। सम्मेलन में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
