एआरबी टाइम्स ब्यूरो
मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली, जहां कुल 15,747 मामलों का निपटारा आपसी सहमति और सुलह के आधार पर किया गया। इस निपटारे से लगभग ₹17.11 करोड़ की राशि का समझौता हुआ।
इस विशेष आयोजन का निरीक्षण हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने किया। उन्होंने लोक अदालत की कार्यवाही में भाग लिया और न्यायिक प्रक्रिया की निगरानी की।
27,680 मामलों में से निपटारा हुआ 15,747 का
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण मंडी द्वारा आयोजित इस लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों सहित कुल 27,680 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था।
प्रमुख निपटान:
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मोटर वाहन अधिनियम से संबंधित: 14,817 मामले
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चेक बाउंस मामलों का निपटारा: 366 केस, ₹9.91 करोड़ का समझौता
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अन्य मामलों में बैंक वसूली, पारिवारिक विवाद, राजस्व, फौजदारी और दीवानी श्रेणियां शामिल रहीं।
न्यायमूर्ति गोयल ने कहा कि लोक अदालतें “न्याय तक सरल और सुलभ पहुंच” का एक प्रभावी माध्यम हैं, जहां समय और धन की बचत के साथ-साथ विवादों का त्वरित समाधान भी संभव होता है।
उन्होंने जिला न्यायाधीश मंडी और अन्य न्यायिक अधिकारियों को इस प्रणाली के जरिए अधिक से अधिक मामलों को निपटाने हेतु प्रेरित किया। इस लोक अदालत में भाग लेने वाले कई पक्षकारों ने इस प्रणाली की सराहना की और कहा कि उन्हें त्वरित और संतोषजनक न्याय मिला, जिससे उन्हें राहत महसूस हुई।
