एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार पंचायत चुनावों के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। मुख्यमंत्री खुद भी झूठ बोल रहे हैं और अपने मंत्रियों से भी गलत बयान दिलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री यह दावा करते हैं कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे, तो इस बात को लिखित में देने का साहस दिखाएं, अन्यथा यह मान लें कि सरकार चुनाव से भाग रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोलने में माहिर हैं। सरकार आरक्षण रोस्टर तक तय नहीं कर पाई, जबकि न्यायालय के आदेश के अनुसार यह चुनाव प्रक्रिया से 90 दिन पहले आवश्यक है।
सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने निरमंड के जल शक्ति विभाग भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में भवन निर्माण में जल शक्ति विभाग की पाइपों का इस्तेमाल दिखाया गया है, जो पूरी तरह अवैध है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि यह सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार है या व्यवस्था परिवर्तन का नया मॉडल। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। जूनियर अधिकारियों को बॉस बना दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को नीचे कर दिया गया है।
दक्षिणी एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को बधाई
जयराम ठाकुर ने दक्षिणी एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में पदक जीतने वाले हिमाचली खिलाड़ियों मनीषा कुमारी और संदीप सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपने कठिन परिश्रम, गुरुजनों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से प्रदेश का मान बढ़ाया है। हिमाचल के खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।
आपदा प्रभावित अब भी राहत की राह देख रहे हैं
जयराम ठाकुर ने कहा कि हजारों आपदा प्रभावित लोग अभी भी राहत का इंतजार कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री अपनी प्रशंसा में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 5500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है और हर साल एक्सटर्नली ऐडेड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये का सहयोग भी भेजा जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार अब तक राहत राशि भी पूरी नहीं दे पाई। ढाई हजार की फौरी राहत देने में महीनों का वक्त लग गया। मुख्यमंत्री को अब धरातल पर उतरकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए।
