एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO कोर्ट) किन्नौर, रामपुर की अदालत ने एक अहम फैसले में आरोपी केशव राम पुत्र जीवतु राम, निवासी गांव शाह, डाकघर दोफदा, तहसील रामपुर, जिला शिमला (हि.प्र.), उम्र 44 वर्ष को दुष्कर्म के गंभीर मामले में दोषी करार दिया है।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(i) के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास एवं 2000 रुपये जुर्माना, जबकि धारा 506 IPC के तहत 2 वर्ष साधारण कारावास एवं 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि पीड़िता, जिसकी उम्र 23 वर्ष थी, बचपन से अपनी नानी के पास रहती थी और मानसिक रूप से बीमार थी। दिनांक 20 सितंबर 2023 को पीड़िता की माता जब पीड़िता की दादी के घर पहुंची तो उसने पीड़िता का पेट बढ़ा हुआ पाया। पूछताछ करने पर पीड़िता ने बताया कि करीब छह माह पूर्व जब वह घरेलू सामान लेने दुकान जाती थी, तब आरोपी रास्ते में उसे पकड़कर नाले में ले गया और डरा-धमकाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की माता उसे अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकीय जांच में छह माह का गर्भ पाया गया। बाद में पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया, जिसे वह वर्तमान में पाल रही है। आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया था।
इस संबंध में पीड़िता की माता ने थाना झाकड़ी में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले के ट्रायल के दौरान 21 अभियोजन गवाहों और एक बचाव पक्ष गवाह के बयान दर्ज किए गए। साथ ही SFSL रिपोर्ट एवं विशेष लोक अभियोजक की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और कड़ी सजा सुनाई।
