एआरबी टाइम्स ब्यूरो
मंडी। मंडी जिला में ग्रामीण विकास और पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक उपायुक्त कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की। इस दौरान सभी खंड विकास अधिकारियों ने अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और आपदा के बाद की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) जैसी कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ अवसंरचना की बहाली और मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के तहत 566.46 करोड़ रुपये की लागत से 34,327 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,512 कार्य शुरू हो चुके हैं। हालांकि अभी भी 38,249 कार्य लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने यह भी बताया कि अब तक 75% मानव दिवस ही अर्जित हो सके हैं, जो लक्ष्य से कम है।
अपूर्व देवगन ने यह भी कहा कि जिले में अमृत सरोवर योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत 49 स्थानों का चयन किया गया है। उन्होंने एनआरएलएम की प्रगति पर असंतोष जताते हुए बीडीओ को निरंतर निगरानी रखने के आदेश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो स्वयं सहायता समूह (SHG) अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनकी सफलता की कहानियाँ प्रकाशित की जाएँ और उन्हें दिवाली के दौरान बाजार उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो। इसके अलावा एनआरएलएम के अंतर्गत दिए गए बुड कटर, पावर टिलर जैसे उपकरणों की जानकारी किसानों को न होने पर उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, जिला ग्रामीण विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक सहित सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
