एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
पदम् राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामपुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुर में रेबीज़ जागरूकता एवं कुत्तों के प्रति सुरक्षित व्यवहार पर एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोनों विद्यालयों के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में 1,040 छात्रों और 50 शिक्षकों ने भाग लिया, जो इस क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा विद्यालय आधारित जागरूकता कार्यक्रम बना।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता विश्व रेबीज़ दिवस पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार शर्मा रहे। उन्होंने छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं, जिनमें शामिल हैं:
रेबीज़ 100% घातक लेकिन 100% रोकथाम योग्य है
कुत्ते के काटने या खरोंचने पर 15 मिनट तक साबुन-पानी से घाव धोना अनिवार्य
कुत्तों के व्यवहार को समझकर उनसे टकराव की स्थितियों से बचना
कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य राजेश परमार ने किया। पशुपालन सहायक बिहारी लाल ने छात्रों को प्राथमिक उपचार और टीकाकरण के बारे में जानकारी दी, जबकि पशु सखी नीलिमा एवं संगीता ने जागरूकता गतिविधियों में सहयोग दिया।
यह जागरूकता कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा 07 नवंबर 2025 को जारी निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिनमें विद्यालयों में कुत्तों के प्रति सुरक्षित व्यवहार, जागरूकता और मानवीय कुत्ता-प्रबंधन उपायों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
कार्यक्रम पशुपालन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है। उप निदेशक (पशु स्वास्थ्य/प्रजनन) शिमला-5, डॉ. नीरज मोहन ने इस पहल को समर्थन देते हुए पूरे प्रदेश में फील्ड स्टाफ व पशु चिकित्सकों को व्यापक जागरूकता गतिविधियाँ चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों, पंचायतों और विद्यालयों में यह अभियान छात्रों और समुदायों को सही जानकारी, रोकथाम उपायों और कुत्तों के साथ सुरक्षित एवं मानवीय सह-अस्तित्व की शिक्षा प्रदान कर रहा है।
