एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
बुशहर बीएड शिक्षण संस्थान में रेबीज रोकथाम के संदर्भ में सतर्कता एवं जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को रेबीज से होने वाली बीमारियों, उनके खतरे और बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में पशुपालन विभाग से डॉ. अनिल शर्मा अपनी टीम के साथ उपस्थित हुए। उन्होंने छात्रों को बताया कि रेबीज एक खतरनाक वायरस है जिसे ज़ूनोटिक डिज़ीज के रूप में जाना जाता है। यह बीमारी मुख्य रूप से कुत्तों और बिल्लियों जैसे जानवरों से मनुष्य में फैलती है।
डॉ. शर्मा ने छात्रों को वैक्सीनेशन के महत्व, कुत्तों के व्यवहार को पहचानने के तरीके तथा किन परिस्थितियों में कुत्ता हमला कर सकता है, इस संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
पूरे कार्यक्रम को स्लाइड्स और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझाया गया।
अपने बधाई संदेश में संस्थान के अध्यक्ष पवन आनंद, कोषाध्यक्ष हितेंद्र गुप्ता, सचिव ई. राजीव शर्मा, प्राचार्य डॉ. तिलक राज भारद्वाज सहित सभी आचार्य वर्ग ने पशुपालन विभाग से आए मुख्य वक्ता एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होते रहें, ताकि समय-समय पर समाज को महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती रहें और जागरूकता बढ़ती रहे।
