एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और जन सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए खुले में अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी ग्रामीण अपने खेतों या बागानों में सेब की टहनियां, झाड़ियां, घास, पत्तियां अथवा अन्य अवशेष जलाता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन के अनुसार रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान बागवानों व किसानों द्वारा खेतों और बागानों की सफाई के नाम पर खुले में अवशेष जलाए जा रहे हैं। इस तरह की गतिविधियों से आग लगने की गंभीर आशंका बनी रहती है, जिससे जन-जीवन, निजी संपत्ति, बागानों और समीपवर्ती वनों को भारी नुकसान हो सकता है। साथ ही इससे वायु प्रदूषण फैलता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होती है।
उपमंडलाधिकारी रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि जन सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह आदेश उपमंडल रामपुर में तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 152 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अवशेषों के निस्तारण के लिए पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन और जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
