एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल के पशु औषधालयों और पशु चिकित्सालयों में लंबे समय से पदों के रिक्त रहने के कारण पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह आरोप रामपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी व भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कौल सिंह नेगी ने लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालकों और पशुधन के कल्याण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में क्षेत्र के कई गांवों का दौरा करने पर लोगों ने शिकायत की कि पशु औषधालयों में स्टाफ की भारी कमी है। कहीं भवनों में ताले लटके हुए हैं, तो कहीं केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे पूरा संस्थान चल रहा है। ऐसी स्थिति में बीमार पशुओं का समय पर उपचार नहीं हो पाता।
नेगी ने कहा कि टिकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान (AI) के टीकों की कमी से पशुधन प्रभावित हो रहा है। जब गाय बीमार पड़ती है या कैल्शियम की कमी से खड़ी नहीं हो पाती, तो उसे उठाने के लिए आवश्यक काऊ लिफ्टिंग मशीन भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि दूध उत्पादन ग्रामीण परिवारों की आय का प्रमुख साधन है।
उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण और एआई न होने से पशुपालकों का पशुधन खराब हो रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
कौल सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पशु औषधालयों में रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए और कृत्रिम गर्भाधान के लिए आवश्यक टीके व उपकरण जल्द उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके। ऐसा न होने पर जल्द ही पशुपालकों को लामबंद कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
