एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर नया तरीका अपनाते हुए बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी से जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की एफडी से यह पूरी रकम निकाल ली गई। शिकायत मिलने पर ढली पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 17 नवंबर की रात 8 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें व्हाट्सएप पर PNB One APK नाम का एक लिंक भेजा और कहा कि उनका जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करना जरूरी है। अगले दिन फिर उसी नंबर से कॉल आने पर उन्होंने लिंक खोल दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे।
थोड़ी देर बाद उनके खाते से 17 लाख रुपये की निकासी का मैसेज आया। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनकी 31 लाख रुपये की एफडी में से 16,01,030 रुपये का डेबिट ट्रांजेक्शन हुआ है। पीड़ित ने संदेह जताया कि साइबर ठगों ने मोबाइल को रिमोट एक्सेस करके यह धोखाधड़ी की है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने किसी भी ओटीपी को साझा नहीं किया। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत ढली पुलिस स्टेशन में दी, जिसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
एपीके फाइलें (Android Package Kit) अक्सर साइबर अपराधियों का प्रमुख हथियार बन रही हैं। किसी भी अनजान एपीके फाइल को इंस्टॉल करना आपके मोबाइल का पूरा नियंत्रण ठगों के हाथ में दे सकता है। ऐसे में निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतें:
🔻 क्या खतरा है?
एपीके फाइल इंस्टॉल होते ही साइबर ठग आपके मोबाइल पर रिमोट एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं।
ओटीपी, बैंकिंग ऐप, पासवर्ड, फोटो व संपर्क विवरण चोरी कर सकते हैं।
आपके बैंक खाते से बिना अनुमति लाखों रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
मोबाइल में मैलवेयर / स्पाईवेयर इंस्टॉल हो जाता है जो आपकी हर गतिविधि ट्रैक करता है।
🔒 क्या करें (Do’s)?
केवल Google Play Store या अधिकृत एप स्टोर से ही एप डाउनलोड करें।
किसी अनजान लिंक या व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें।
बैंक, सरकारी विभाग या कर्मचारी कभी भी एपीके फाइल डाउनलोड करने को नहीं कहते, यह निश्चित धोखाधड़ी है।
फोन में Play Protect और मोबाइल सिक्योरिटी ऐप हमेशा सक्रिय रखें।
किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
⛔ क्या न करें (Don’ts)?
किसी भी एपीके फाइल को बिना सोचे-समझे इंस्टॉल न करें।
अजनबी व्यक्ति द्वारा भेजे लिंक पर क्लिक न करें।
किसी को ओटीपी, पासवर्ड या बैंक जानकारी न दें, भले ही सामने वाला खुद को बैंक अधिकारी बताए।
स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स (AnyDesk, QuickSupport आदि) अनजान व्यक्ति के कहने पर न चलाएं।
📌 याद रखें
APK = सबसे बड़ा साइबर रिस्क
एक क्लिक आपको लाखों रुपये के नुकसान में डाल सकता है।
