एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
समाज में सभी वर्गों के समान विकास को सुनिश्चित करना प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य है। यह बात उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न जिला स्तरीय समितियों की बैठकों की अध्यक्षता करते हुए कही।
अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 से अब तक इस अधिनियम के अंतर्गत 40 मामले न्यायालयों में लंबित हैं। उपायुक्त ने कहा कि इन मामलों में बरी होने की दर अधिक है, जिसके कारणों का अध्ययन कर भविष्य के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने जांच अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि मामलों की प्रोसेसिंग में सुधार हो सके।
इसके पश्चात प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े बच्चों, महिलाओं और युवाओं को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिला शिमला के 2154 आंगनवाड़ी केंद्रों में सैकड़ों अल्पसंख्यक बच्चों को पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मदरसा शिक्षा, छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा और रोजगार योजनाओं का लाभ भी अल्पसंख्यक समुदाय को मिल रहा है।
हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत आयोजित बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला शिमला में कोई भी सफाई कर्मी हाथ से मैला ढोते हुए नहीं पाया गया है। सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य जांच, छात्रवृत्ति, आवास और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। वर्ष 2025 में सेप्टिक टैंक में हुई मृत्यु के मामले में संबंधित एजेंसी को आश्रितों को देय राशि के भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।
दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत आयोजित बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत 101 दिव्यांगजनों को रोजगार प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त हजारों दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, यूडीआईडी कार्ड और सुगम्य भारत अभियान के तहत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के अंतर्गत आयोजित बैठक में जानकारी दी गई कि जिला शिमला में अब तक 127 दिव्यांगजनों के लिए कानूनी संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं, जबकि दो नए मामलों में सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं।
बैठकों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

