एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
Students’ Federation of India की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी को छात्र हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय परिसर में पारदर्शिता, बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और छात्र अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया गया है।
एसएफआई, जो एक प्रगतिशील, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक छात्र संगठन है, ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
वित्त समिति की कार्यवाही सार्वजनिक की जाए
एसएफआई ने कहा कि 10 दिसंबर 2025 को हुई वित्त समिति की बैठक की कार्यवाही अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। संगठन ने आग्रह किया कि बैठक की कार्यवाही जल्द से जल्द छात्रों और शिक्षकों के समक्ष लायी जाए। संगठन का मानना है कि पारदर्शिता से प्रशासनिक प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ती है और छात्रों का विश्वास मजबूत होता है।
नई बसों की खरीद
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय परिसर में बसों की संख्या अत्यंत कम हो गई है। पहले आठ बसें उपलब्ध थीं, लेकिन अब केवल तीन बसें ही संचालित हो रही हैं। इससे छात्रों को समय पर कक्षाओं तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। एसएफआई ने तत्काल नई बसों की खरीद और परिवहन व्यवस्था के सुव्यवस्थित संचालन की मांग की है।
छात्रावास नवीनीकरण का बजट विवरण
तीसरी मांग छात्रावासों के नवीनीकरण से संबंधित है। एसएफआई ने वित्त अधिकारी से पूछा कि छात्रावासों के नवीनीकरण के लिए कुल कितनी राशि आवंटित की गई और अब तक कितना व्यय हुआ। संगठन का मानना है कि बजट की पारदर्शी जानकारी से कार्य की गति तेज होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
छात्र हित सर्वोपरि
एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल भवनों और कार्यालयों का समूह नहीं, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों का साझा शैक्षणिक समुदाय है। संगठन की मांगें टकराव के लिए नहीं बल्कि रचनात्मक संवाद और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत उठाई गई हैं।
एसएफआई ने वित्त अधिकारी से आग्रह किया कि इन मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाए जाएँ और छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति स्पष्ट की जाए। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वह छात्रों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा।
