एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने UGC द्वारा जारी Learning Outcomes-based Curriculum Framework (LOCF) ड्राफ्ट को जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन SFI की अखिल भारतीय कमेटी के आह्वान पर किया गया।
राज्य सचिव सन्नी सेकटा ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि UGC द्वारा जारी यह LOCF ड्राफ्ट आदिम, अवैज्ञानिक और आरएसएस के एजेंडे को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने बताया कि रसायन शास्त्र का पाठ्यक्रम सरस्वती वंदना से शुरू किया जा रहा है और वाणिज्य में कौटिल्य के अर्थशास्त्र को शामिल करने की बात कही गई है। इसके अलावा ‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम’ के पाठ्यक्रम में वी.डी. सावरकर की किताब “The Indian War of Independence” को शामिल करना एक विचारधारा विशेष को थोपने की कोशिश है।
उन्होंने कहा, “यह शिक्षा व्यवस्था को भगवाकरण और निजीकरण की ओर धकेलने का प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत केंद्र सरकार शिक्षा को व्यापार और विचारधारा का साधन बना रही है।” उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(ए)(ह) का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक सोच और सुधार की भावना को बढ़ावा दे, जबकि UGC का यह कदम इसके विपरीत है।
राज्य उपाध्यक्ष रितेश ने कहा कि SFI छात्र समुदाय से आह्वान करती है कि वे इस शिक्षा विरोधी नीति के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाएं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए लगातार छात्र संघ चुनाव (SCA) को बैन किए हुए है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करे। SFI ने स्पष्ट किया कि वे शिक्षा के भगवाकरण और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन तेज करेंगे।
