एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
एसएफआई रामपुर इकाई का 37वां वार्षिक सम्मेलन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में संगठन ने 17 सदस्यीय कमेटी और 11 सदस्यीय सचिवालय का गठन किया। नए कार्यकाल के लिए मीना राम को अध्यक्ष और राहुल विद्यार्थी को सचिव चुना गया।
सम्मेलन का उद्घाटन शिमला जिला के पूर्व सचिव बंटी ठाकुर ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि आज छात्र राजनीति पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिनके खिलाफ छात्र समुदाय को संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी सरकारें शिक्षा, रोजगार और वैज्ञानिक सोच पर लगातार प्रहार कर रही हैं।
सम्मेलन में शिमला जिला सह सचिव विवेक बिरसांता भी उपस्थित रहे। उन्होंने बीते वर्ष की गतिविधियों और संगठन द्वारा कठिन परिस्थितियों में चलाए गए आंदोलनों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा और रोजगार पर भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे हमलों के विरोध में छात्रों को एकजुट होना आवश्यक है।
वैश्विक राजनीतिक-आर्थिक परिदृश्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी पूँजीवाद ‘राज्य पूँजीवाद’ की ओर बढ़ रहा है, जहाँ रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन की नीतियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर किया है, जिससे व्यापार युद्ध और आर्थिक संकट गहराए हैं। फिलिस्तीन और यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी नीतियों का लाभ हथियार उद्योग को मिला, लेकिन इससे संघर्ष और हिंसा में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि पूँजीवाद का यह मॉडल अब टूट रहा है और संकटों को मुनाफे में बदलने वाली व्यवस्था बन गया है।
अंत में नव-निर्वाचित सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि आने वाले समय में संगठन महाविद्यालय के छात्र मुद्दों को लेकर प्रभावी आंदोलन चलाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं, इसलिए छात्र संघ चुनावों की बहाली संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
