एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी से 1.18 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने और तत्काल गिरफ्तारी की धमकी दी। पीड़ित को मानसिक दबाव में रखकर कहा गया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग, नशीले पदार्थों की तस्करी और बैंक खातों के दुरुपयोग जैसे मामलों में आरोपी है। डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी ठगों की ओर से बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी।
📞 वीडियो कॉल के जरिए रची गई साजिश
शिकायत के अनुसार, पहले फोन कॉल कर पीड़ित को डराया गया और फिर वीडियो कॉल पर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। ठगों ने कहा कि पीड़ित “डिजिटल सर्विलांस” में है और किसी भी परिजन या सरकारी एजेंसी से संपर्क करने पर सख्त कार्रवाई होगी। कथित जांच प्रक्रिया का हवाला देकर ठगों ने रकम “सरकारी खाते” में जमा कराने को कहा। बाद में जांच में सामने आया कि ये सभी फर्जी बैंक खाते थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जाता है। मामले में शिमला साइबर थाना में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच जारी है।
🛡️ साइबर ठगी से बचने के उपाय
✔️ डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी भी बात पर भरोसा न करें
✔️ CBI, ED, पुलिस या कोई भी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती
✔️ कोई भी अधिकारी पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता
✔️ डराने वाली कॉल आते ही कॉल काटें और परिवार को बताएं
✔️ बैंक, OTP, अकाउंट या UPI डिटेल कभी साझा न करें
✔️ संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत
👉 1930 हेल्पलाइन या
👉 cybercrime.gov.in पर दें
✔️ वीडियो कॉल पर दिखाए गए फर्जी आईडी और वर्दी से प्रभावित न हों
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