एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
राजधानी शिमला में विदेश भेजने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। शिमला के बालूगंज थाना क्षेत्र में एक युवती ने दो व्यक्तियों के खिलाफ 28 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत दर्ज कराने वाली युवती मूल रूप से गुजरात की रहने वाली है और इन दिनों शिमला के एसएसबी मेडिकल ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। युवती ने बताया कि वह अपनी छोटी बहन को विदेश भेजना चाहती थी। इसी बीच उसका संपर्क कुछ लोगों से हुआ जिन्होंने दावा किया कि वे वीजा प्रक्रिया और विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया संभालते हैं।
लाखों रुपये हड़पने के बाद अब संपर्क किया बंद
युवती के अनुसार, आरोपियों राधिका कुमारी और इंद्रजीत ग्रेवाल ने वीजा, दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर उससे 28 लाख रुपये ले लिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे जल्दी ही उसकी बहन को विदेश भेज देंगे। लेकिन जब युवती बार-बार प्रक्रिया की जानकारी और आगे की कार्रवाई के बारे में पूछने लगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में दोनों ने युवती से संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया, जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। युवती की शिकायत पर बालूगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी व्यक्तियों की तलाश और बैंक लेनदेन, कॉल डिटेल्स तथा अन्य डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।
ऐसी ठगी से कैसे बचें? (जरूरी सावधानियां)
आजकल विदेश भेजने, नौकरी दिलाने और स्टूडेंट वीजा के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
1. सिर्फ पंजीकृत एजेंट या लाइसेंसी कंसल्टेंट से ही संपर्क करें
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भारत सरकार से रजिस्टर्ड Recruiting Agent (RA) नंबर या OIA अथॉरिटी से लाइसेंस अवश्य जांचें।
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बिना पंजीकरण वाले एजेंटों से दूरी रखें।
2. अग्रिम में भारी रकम कभी न दें
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वैध कंसल्टेंसी कभी भी वीज़ा प्रक्रिया से पहले लाखों रुपये एडवांस नहीं लेती।
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भुगतान हमेशा चरणबद्ध (stage-wise) होना चाहिए।
3. भुगतान सिर्फ बैंक या कंपनी खाते में करें
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नकद, UPI या निजी खातों में पैसा कभी न भेजें।
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कंपनी के GST नंबर, PAN, रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ अवश्य जांचें।
4. वीज़ा, ऑफर लेटर और दस्तावेज़ खुद सत्यापित करें
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ऑफर लेटर या LOA को संबंधित देश के दूतावास या सरकारी पोर्टल पर जांचें।
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एजेंट द्वारा भेजे गए दस्तावेज़ों की कॉपी खुद सत्यापित करना जरूरी है।
5. गारंटी या 100% वीजा जैसे दावे नकली होते हैं
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कोई भी एजेंट 100% वीज़ा की गारंटी नहीं दे सकता।
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ऐसे वादे करने वाले एजेंट पर तुरंत शक करें।
6. परिवार, दोस्तों या विशेषज्ञों से सलाह लें
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किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय से पहले भरोसेमंद लोगों से राय लें।
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जल्दबाजी में निर्णय न लें।
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