एआरबी टाइम्स ब्यूरो | सोलन
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (RLA) से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने परिवहन व्यवस्था की पारदर्शिता और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलासपुर के बाद अब Solan RLA Scam ने सरकारी डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। आरएलए की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔍 ई-वाहन पोर्टल लॉगिन का दुरुपयोग
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरएलए कार्यालय में तैनात एक क्लर्क की e-Vahan portal की आधिकारिक लॉगिन आईडी को बाहरी लोगों द्वारा एक्सेस किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि इस अनधिकृत गतिविधि की जानकारी न तो संबंधित मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) को थी और न ही आरएलए प्रशासन को। इससे संकेत मिलता है कि सिस्टम के भीतर से नहीं, बल्कि बाहर से लॉगिन का दुरुपयोग कर संवेदनशील कार्य किए जा रहे थे।
🚛 वाहनों की तकनीकी जानकारी में छेड़छाड़
जांच में सामने आया है कि शातिर तत्वों ने इस लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण और सत्यापन खुद ही किया। इतना ही नहीं, वाहनों की तकनीकी जानकारियों में भी बदलाव किए गए। सबसे गंभीर बात यह है कि वाहनों की लोड कैपेसिटी (वजन उठाने की क्षमता) में मनमाने बदलाव दर्ज किए गए। इससे कर और परमिट नियम प्रभावित हो सकते हैं, सड़क सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है और ओवरलोडिंग से दुर्घटना की आशंका बढ़ती है। पुलिस यह भी खंगाल रही हैं कि वाहन स्वामित्व हस्तांतरण (Transfer of Ownership) प्रक्रिया में भी गड़बड़ियां की गईं। आशंका है कि: कागजों में मालिक बदले गए, रिकॉर्ड एडिट कर वास्तविक स्थिति छिपाई गई और संदिग्ध या चोरी के वाहनों को वैध दिखाया गया। सूत्रों के अनुसार, यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी।
🖥 सिस्टम में असामान्य गतिविधियों से खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरएलए को सिस्टम में असामान्य गतिविधियों की जानकारी मिली। लॉगिन हिस्ट्री और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद पुलिस को सूचित किया गया। अधिकारियों को आशंका है कि इस Solan vehicle registration scam के पीछे कोई संगठित गिरोह हो सकता है।
❓ सबसे बड़ा सवाल: लॉगिन आईडी बाहर कैसे पहुंची?
जांच का अहम बिंदु यह है कि संबंधित क्लर्क की लॉगिन आईडी और पासवर्ड बाहरी लोगों तक कैसे पहुंचे। पुलिस इन एंगल्स पर जांच कर रही है। साइबर हैकिंग, लापरवाही, अंदरूनी मिलीभगत इसकी वजह हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि आरएलए की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
