एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के विरोध में सोमवार को शिमला में भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों पर्यटन कारोबारियों ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘शिमला पर्यटन बचाओ संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में यह प्रदर्शन चौड़ा मैदान में हुआ, जिसमें होटल, होम स्टे, टूर एंड ट्रेवल, टैक्सी यूनियन, गाइड, शिल्पकार, दुकानदार और किसान वर्ग के लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिमला पर्यटन का ऐतिहासिक और आर्थिक केंद्र है। पिछले 200 वर्षों से यह शहर हिमाचल प्रदेश के पर्यटन मानचित्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। HPTDC कार्यालय के स्थानांतरण से पर्यटन उद्योग को गहरा झटका लगेगा और लाखों लोगों की आजीविका पर संकट मंडराएगा।
संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों हरीश व्यास, विजेंद्र मेहरा और राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि इस निर्णय से न केवल पर्यटकों की सुविधा प्रभावित होगी, बल्कि निगम कर्मचारियों को भी प्रशासनिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ईपीएफ कार्यालय शिमला में होने से कर्मचारियों को सुविधा मिलती थी, लेकिन अब उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह निर्णय प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित लगता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि HPTDC कार्यालय को शिमला से न हटाया जाए और पर्यटन उद्योग के हित में निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।