एआरबी टाइम्स ब्यूरो
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने वर्षा से प्रभावित परिवारों को समयबद्ध फौरी राहत और आवश्यक राहत सामग्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह बयान आज घुमारवीं में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान आया।
इस बैठक में राजेश धर्माणी ने अधिकारियों से वर्षा के कारण हुए व्यापक नुकसान और प्रभावित परिवारों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि अब तक घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में 30,000 रुपये की फौरी राहत वितरित की जा चुकी है, साथ ही 450 तिरपाल, 10-10 गद्दे और चादरें, 8 राशन किट, और एक गैस सिलेंडर भी प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके अलावा, प्रभावितों के लिए 8 राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 30 लोग ठहरे हुए हैं। मंत्री ने अधिकारियों को जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया और राहत मैन्युअल के अनुसार सरकार से मिलने वाली मदद सुनिश्चित करने की बात कही।
राजेश धर्माणी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में उतरकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार सरकारी मदद से वंचित न रहे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को भारी बारिश से प्रभावित सड़कों की मरम्मत के लिए युद्ध स्तर पर काम करने को कहा और जलशक्ति विभाग को प्रभावित पेयजल योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के आदेश दिए।
जिला में हुए नुकसान का आकलन:
राजेश धर्माणी ने बताया कि जिला में भारी बारिश के कारण लोक निर्माण विभाग को 115 करोड़ रुपये, जलशक्ति विभाग को 30 करोड़ रुपये, और बिजली विभाग को 161 नष्ट हुए विद्युत पोलों से लगभग 18 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, जिला भर में लगभग 6 करोड़ रुपये का संरचनात्मक नुकसान हुआ है, जिसमें 11 पक्के और 32 कच्चे घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
अब तक प्रभावित परिवारों को 5 लाख रुपये की फौरी राहत दी जा चुकी है, साथ ही 898 तिरपाल और 8 राहत शिविरों में 23 परिवारों के 109 लोगों को आश्रय दिया गया है। किराये के आवास भी 34 प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराए गए हैं।
