एआरबी टाइम्स ब्यूरो
सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के भरली गांव में वीरवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहां शहीद आशीष कुमार की बहन आराधना की शादी थी। लेकिन भाई की अनुपस्थिति खल न जाए, इसलिए भारतीय सेना के जवान खुद उसके भाई बनकर पहुंचे। यह नजारा बिलकुल वैसा ही था, जैसा 1993 की अक्षय कुमार की फिल्म सैनिक में दिखाया गया था। शहीद आशीष कुमार 19 ग्रेनेडियर बटालियन में अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। 27 अगस्त 2024 को ऑपरेशन अलर्ट के दौरान वीरता दिखाते हुए उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी शहादत के बाद पूरा गांव गम और गर्व के माहौल में डूबा रहा।
गुरुवार को जब उनकी बहन की शादी का दिन आया तो उनकी कमी सबसे ज्यादा खल रही थी। तभी रेजिमेंट के साथी जवान भरली गांव पहुंचे और भाई का पूरा फर्ज निभाया। भारतीय सेना की वर्दी में फौजी दुल्हन को चुनरी के नीचे मंडप तक लेकर गए। इस भावुक पल को देखकर गांववाले और रिश्तेदार अपनी आंखों के आंसू रोक नहीं पाए। विदाई के समय भी जवानों ने भाई की जिम्मेदारी निभाते हुए दुल्हन को ससुराल तक पहुंचाया।
इस अवसर पर शहीद की रेजिमेंट से हवलदार राकेश कुमार, नायक रामपाल सिंह, नायक मनीष कुमार, ग्रेनेडियर अभिषेक, आयुष कुमार समेत कई सैनिक मौजूद रहे। पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर करनैल सिंह भी इस मौके पर शामिल हुए। यह भावुक दृश्य साबित करता है कि भारतीय सेना केवल सीमा पर ही नहीं, बल्कि शहादत के बाद भी अपने साथियों के परिवार के साथ खड़ी रहती है। यही संवेदनशीलता असली देशभक्ति है।
