एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थल श्री नैना देवी जी मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और विकास कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ बनाने के लिए कई नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में मंदिर ट्रस्ट श्री नैना देवी जी के निर्माण कार्यों और आगामी प्रस्तावित योजनाओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है। इसके तहत पंजाब सीमा (टोबा) से मंदिर परिसर तक लगभग 150 कैमरे लगाए गए हैं, जिससे संपूर्ण मार्ग पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 1500 से 2000 श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा के लिए एक विशाल आगमन हॉल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मातृ आंचल और मातृ शरण भवनों में ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। बस अड्डे के समीप पुलिस यातायात नियंत्रण कक्ष की स्थापना से पर्वों एवं त्योहारों के दौरान ट्रैफिक और भी सुचारू हुआ है। उपायुक्त ने बताया कि मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और अग्रभाग प्रकाश व्यवस्था के पहले चरण के टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि दूसरे चरण की स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। मंदिर क्षेत्र में आधुनिक काउंटर कक्ष और आरती हॉल के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
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कृपाली कुंड का किया जाएगा जीर्णोद्धार : डीसी
डीसी ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े कृपाली कुंड का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसमें नई मूर्तियों की स्थापना और प्रकाश व्यवस्था का आधुनिकीकरण शामिल है। कौला वाला टोबा क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नानघर बनाए जाएंगे, जबकि गुफा के समीप स्थित स्टेडियम का पुनर्विकास धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंदिर ट्रस्ट की ओर से चयनित भूमि पर पर्यटन विभाग द्वारा कैफे निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा। वहीं, स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा ताकि स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहन मिले। इसके अतिरिक्त, श्री नैना देवी जी और बाबा बालक नाथ मंदिर (शाहतलाई) के बीच गोविंद सागर झील पर केबल फेरी परियोजना भी शुरू की जाएगी। यह परियोजना दोनों धार्मिक स्थलों के बीच संपर्क को सुगम बनाएगी और बिलासपुर जिले में धार्मिक व साहसिक पर्यटन को नई दिशा देगी।
