एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मंडी
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच पर आयोजित जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने इंदिरा मार्केट स्थित शहीद स्मारक तथा सेरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। समारोह में पुलिस, गृह रक्षक वाहिनी, एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड्स की टुकड़ियों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की, जबकि विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।
हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 1948 में 30 पहाड़ी रियासतों के विलय से हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ, जिसमें प्रजामंडल आंदोलन और जनता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने जानकारी दी कि शिल्हबुधाणी-भुभुजोत-कुल्लू सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। रक्षा मंत्रालय द्वारा इसे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए एनएचएआई ने इसे दो लेन सड़क के रूप में विकसित करने हेतु डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भुभुजोत टनल के निर्माण से कांगड़ा और कुल्लू के बीच दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1538 किलोमीटर सड़कों की 294 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिन पर 2244 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अतिरिक्त 800 किलोमीटर सड़कों के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि आगामी वर्ष में 500 किलोमीटर नई सड़कें, 1255 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज कार्य, 950 किलोमीटर टारिंग और 47 पुलों का निर्माण किया जाएगा। पुरानी सड़कों के रखरखाव के लिए भी लगभग 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘गांव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचा रही है तथा विशेष राजस्व अदालतों से लंबित मामलों का समाधान किया जा रहा है।
प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर तीन वर्षों में 49,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित किया है। कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाली, महिलाओं के लिए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना’ और युवाओं के लिए ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती, बागवानी नीति, उच्च समर्थन मूल्य, रोबोटिक सर्जरी सुविधा और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। साथ ही ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ बनाने के लिए जन सहयोग का आह्वान किया।
समारोह के दौरान स्वच्छता जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया और विभिन्न प्रतिभागियों एवं दलों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
