एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर में चल रही अश्व प्रदर्शनी के दूसरे दिन चामुर्थी नस्ल का सबसे महंगा अश्व 84,000 रुपये में बिका। यह घोड़ा लाहौल-स्पीति के छेरिंग टुडूप, गांव बर्र, तहसील काजा का था, जिसे उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के देवेंद्र सिंह ने खरीदा। रविवार को लगभग 16 अश्वों की बिक्री हुई, जबकि दोपहर 1 बजे तक कुल 187 अश्वों का पंजीकरण किया जा चुका था। प्रदर्शनी में पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. नीरज मोहन विशेष रूप से उपस्थित रहे। भारतीय सेना की रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स (22 मोबाइल अवेरी पट्टी) और ब्रुक्स इंडिया लिमिटेड द्वारा अश्वों की जांच और उपचार के लिए शिविर लगाए गए, जिनमें दर्जनों घोड़ों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
दूसरे दिन आयोजित किसान गोष्ठी में पशुपालकों को अश्व प्रबंधन, खानपान और बीमारियों की रोकथाम से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी गई। डॉ. समर चौहान, डॉ. चंदन राणा और सेना की अवेरी पट्टी से आए शशांक शुक्ला ने बताया कि संतुलित आहार और नियमित देखभाल से अश्वों की कार्य क्षमता और दीर्घायु बढ़ाई जा सकती है। ब्रुक्स इंडिया ने अश्वों के खुर और नाल की देखभाल पर लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया, जिसमें करीब 100 पशुपालकों ने भाग लिया। विभाग की ओर से प्रतिभागियों को 100 चिकित्सा किटें भी वितरित की गईं ताकि वे अपने पशुओं की नियमित देखभाल कर सकें।
आयोजकों के अनुसार, सोमवार को प्रदर्शनी के अंतिम दिन घुड़दौड़ प्रतियोगिता, गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता और उत्तम अश्व चयन जैसी आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विजेता अश्वपालकों को सम्मानित किया जाएगा और प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।
