एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि मंडी के पनारसा कॉलेज में अगले सत्र से बी वॉक और बीसीए की कक्षाएं सेल्फ फाइनेंसिंग आधार पर शुरू की जाएंगी। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और आधुनिक शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पनारसा में 13.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए कॉलेज भवन के लोकार्पण समारोह में की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नए संस्थान खोलने का मकसद केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। सरकार स्कूलों और कॉलेजों में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़े और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। पहली कक्षा से जमा दो तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अलग स्कूल शिक्षा निदेशालय बनाया गया। राज्य शिक्षा रैंकिंग में हिमाचल 21वें से 5वें स्थान पर पहुंचा। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू किया गया। 100 सीबीएसई स्कूलों की स्थापना की जा रही है, जिनमें से 40 स्कूल एफिलिएट हो चुके हैं। कॉलेज स्तर पर भी अलग निदेशालय बनाकर उच्च शिक्षा में सुधार जारी हैं।
6,297 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,297 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की गई हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध रहेगा। डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों को देश-विदेश में पढ़ाई के लिए 1% ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है।
पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि बी वॉक और बीसीए कक्षाएं शुरू होने से पनारसा कॉलेज में छात्रों की संख्या बढ़ेगी और कुल्लू कॉलेज का दबाव भी कम होगा। कार्यक्रम में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, एचपीएमसी निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, जिला परिषद अध्यक्ष अनीता ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
