एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार के लगातार प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाईवे–154ए के संवेदनशील स्थानों पर तटबंधों की विशेष मरम्मत के लिए 93,55,59,489 रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति उन क्षेत्रों की सुरक्षा और मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां पिछले कई वर्षों से मानसूनी बारिश के कारण बार-बार बड़े पैमाने पर नुकसान होता रहा है।
मानसून में लगातार नुकसान के बाद सरकार ने किया था विस्तृत आकलन
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चंबा जिला में इस राष्ट्रीय राजमार्ग को हर मानसून में भूस्खलन, कटाव और सड़क धंसने की घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी गंभीर रूप से प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि मानसून आपदा के बाद राज्य सरकार ने तुरंत नुकसान का सर्वेक्षण कराया और विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कराई। स्वयं मंत्री ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया तथा स्थानीय प्रशासन, तकनीकी विशेषज्ञों और एनएच प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर तात्कालिक और दीर्घकालिक उपायों पर चर्चा की।
प्रस्ताव को प्राथमिकता के साथ भेजा गया था केंद्र को
राज्य सरकार ने इन संवेदनशील स्थानों पर तटबंधों को मजबूत करने के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की आवश्यकता देखते हुए इस प्रस्ताव को प्राथमिकता के साथ केंद्र सरकार के समक्ष भेजा। मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए यह विषय लगातार केंद्र स्तर पर उठाया गया।
तकनीकी व प्रशासनिक मंजूरी के बाद परियोजना को मिली हरी झंडी
केंद्र सरकार ने लोक निर्माण विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का परीक्षण किया और सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को जांचने के बाद 93.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी। यह परियोजना चक्की–बनीखेत–चंबा–भरमौर मार्ग पर स्थित उन तटबंधों की मरम्मत से संबंधित है, जो हर वर्ष भारी वर्षा की वजह से कमजोर हो जाते हैं और कई बार मार्ग को दिनों तक बंद करना पड़ता है।
योजना का कार्यान्वयन 2025 से 2032 तक चरणबद्ध तरीके से
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा—
वर्ष 2025-26 : कुल कार्य का 30 प्रतिशत पूरा किया जाएगा।
वर्ष 2026-27 : संपूर्ण कार्य पूरा करने का लक्ष्य।
वर्ष 2031-32 : दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए नियमित रखरखाव का प्रावधान।
उन्होंने कहा कि इतने व्यापक अवधि तक रखरखाव का बजट मिलना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार ने इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए दीर्घकालिक समाधान का मार्ग प्रशस्त किया है।
परियोजना से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आवागमन को मिलेगा बड़ा लाभ
एनएच–154ए चंबा जिला के लिए अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मार्ग है। यह सड़क पर्यटन स्थलों, व्यापारिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन का आधार है। तटबंधों की मजबूती के बाद भारी बारिश के दौरान सड़क बंद होने की घटनाओं में कमी आएगी और आपदा के समय राहत व बचाव दलों की आवाजाही भी सुगम होगी।
सभी कार्य तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुसार किए जाएंगे
मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए शिमला में तैनात मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी को आहरण एवं वितरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी निर्माण और मरम्मत कार्य सड़क परिवहन मंत्रालय के तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च गुणवत्ता के साथ किए जाएंगे। इसके लिए निगरानी तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की देरी या लागत वृद्धि न हो।
राज्य सरकार ने अन्य हाईवे के लिए भी मांगी हैं स्वीकृतियां
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह स्वीकृति हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अवसंरचना विकास को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य सरकार अन्य संवेदनशील राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी इसी प्रकार की विशेष मरम्मत और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए केंद्र से स्वीकृति प्राप्त करने के प्रयास कर रही है।
