धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में नशे के खतरे से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई का एलान किया है। मंगलवार को तपोवन विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक के बाद स्पष्ट किया कि नशा बेचकर बनाई गई अवैध संपत्तियों को सरकार ध्वस्त करेगी और इस नेटवर्क में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के उपायुक्तों को नशा तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्तियों की पहचान कर 10 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
15 पुलिस कर्मियों समेत 60 कर्मचारी नशा तस्करी में संलिप्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच में अब तक 60 सरकारी कर्मी नशा तस्करी में शामिल पाए गए हैं, जिनमें 15 पुलिस जवान भी शामिल हैं। 5 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है और अन्य पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई जारी है। सभी विभागों को ऐसे कर्मचारियों की सूची 10 दिसंबर तक उपलब्ध कराने को कहा गया है। नशे के खिलाफ परिणाम सुनिश्चित करने के लिए, अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में नशा नियंत्रण से जुड़े तीन मानक शामिल किए जाएंगे। इनमें सप्लाई रिडक्शन (नशे की आपूर्ति में कमी), डिमांड रिडक्शन (नशे की मांग में कमी) और हार्म रिडक्शन (नशे से होने वाले नुकसान में कमी) शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्र और पंचायतों का वर्गीकरण
234 पंचायतें संवेदनशील घोषित: प्रदेश की 234 पंचायतों को ‘सेंसिटिव जोन’ के रूप में चिन्हित किया गया है, जहाँ सीआईडी और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। उपायुक्तों को इन क्षेत्रों में नशा निवारण समितियाँ गठित करने और नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश मिले हैं। देश का पहला राज्य: हिमाचल प्रदेश नशे के खतरे के स्तर के आधार पर पंचायतों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में विभाजित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब तक, 12,000 व्यक्तियों की पहचान की गई है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नशा नेटवर्क से जुड़े रहे हैं।
📈 बढ़ते मामले और निर्णायक कार्रवाई का डेटा
पिछले तीन वर्षों में NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) मामलों में 28% की वृद्धि दर्ज की गई है।
| कार्रवाई | आंकड़े (पिछले 3 वर्ष) |
| दर्ज केस | 5,642 |
| गिरफ्तारियां | 8,216 |
| बरामद चिट्टा (हेरोइन) | 36.657 किलो |
| PIT-NDPS के तहत हिरासत | 46 तस्कर |
| अवैध संपत्ति जब्त | ₹48 करोड़ |
राज्यव्यापी छापामारी: 17–18 नवंबर को 16,441 वाहनों की जांच की गई (13 NDPS मामले दर्ज)। इसके बाद 22 नवंबर को 121 स्थानों पर एक साथ छापामारी कर 10 बड़े तस्कर नेटवर्क पर कार्रवाई की गई।
शिक्षण संस्थानों के आसपास कार्रवाई: 25 नवंबर को स्कूल–कॉलेजों के आसपास 41 परिसरों और 598 दुकानों की तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप 12 एफआईआर और 385 चालान किए गए।
ड्रग-फ्री हिमाचल के लिए बहुआयामी रणनीति
सरकार केवल कड़े कानून ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास के तंत्र को भी मजबूत कर रही है:
सरकारी भर्तियों में ड्रग टेस्ट: राज्य की सभी सरकारी भर्तियों में ड्रग टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।
शैक्षणिक कार्यक्रम: स्कूलों में एंटी-ड्रग क्लब, प्रहरी क्लब, और ‘साथी शिक्षा कार्यक्रम’ को सक्रिय किया जा रहा है।
अन्य निर्देश: भांग की अवैध खेती पर निगरानी, फार्मा इकाइयों की जांच, और NDPS मामलों में तेज अपील निपटान के लिए अभियोजन निदेशालय को निर्देश दिए गए हैं।
