एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर के किसान–मजदूर भवन चाटी में सीटू क्षेत्रीय समन्वय समिति की विस्तारित बैठक नील दत्त शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक मजबूती को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान दिनेश मेहता को संयोजक तथा नील दत्त शर्मा को सह-संयोजक नियुक्त किया गया। सभी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महासचिवों को समिति का सदस्य बनाया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, दिनेश मेहता और नील दत्त शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी और पूंजीपति परस्त बताया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के खिलाफ आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन किए जाएंगे, जिसके तहत रामपुर क्षेत्र में भी यूनियन स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
नेताओं ने कहा कि वेतन कोड 2019, औद्योगिक संबंध कोड 2020, सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति कोड 2020 – ये चारों कानून मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों, सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं। सरकारी अधिसूचनाओं के आधार पर लागू किए गए इन कोडों से संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर ठेका, अस्थायी और फिक्स्ड-टर्म रोजगार का दबाव बढ़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक संबंध कोड 2020 के तहत हड़ताल के अधिकार को लगभग निष्प्रभावी कर दिया गया है, वहीं 300 तक कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों में बिना अनुमति छंटनी की छूट देकर स्थायी रोजगार की सुरक्षा समाप्त की जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 को लेकर उन्होंने कहा कि असंगठित, प्रवासी, गिग और प्लेटफॉर्म मजदूरों के लिए वास्तविक सुरक्षा की गारंटी स्पष्ट नहीं है। वहीं व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कोड 2020 में निरीक्षण व्यवस्था को कमजोर कर मजदूरों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला गया है।
सीटू नेताओं ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के निरंतर विरोध के बावजूद सरकार ने इन कानूनों को एकतरफा तरीके से लागू किया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है। बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि चारों लेबर कोड तुरंत वापस लिए जाएं, पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाए और किसी भी श्रम सुधार पर भारतीय श्रम सम्मेलन जैसे मंचों पर व्यापक चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाए।
