शिमला। हिमाचल प्रदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) क्षेत्र के तहत भवन निर्माण के नियमों में व्यापक संशोधन कर दिए गए हैं। राज्य सरकार ने आवासीय, व्यावसायिक, पर्यटन, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों के लिए प्लॉट आकार, फ्लोर एरिया अनुपात (एफएआर), सेटबैक और अधिकतम भवन ऊंचाई के पैमानों में बदलाव लागू किए हैं। ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और अब सभी भवन स्वीकृतियां और कंप्लीशन इसी आधार पर की जाएंगी।
आवासीय भवनों की ऊंचाई अब 21 मीटर तक
नए नियमों के तहत टीसीपी एरिया में आवासीय भवनों की अधिकतम ऊंचाई 21 मीटर तक हो सकती है। पहले कई क्षेत्रों में ऊंचाई की सीमा कम थी जिसके चलते तेजी से विकसित हो रहे कस्बों में स्थान की कमी और अव्यवस्था जैसी चुनौतियां सामने आ रही थीं। वहीं मल्टीलेवल पार्किंग भवनों की अधिकतम ऊंचाई 25 मीटर तक करने की अनुमति दी गई है। व्यावसायिक और पर्यटन भवनों की ऊंचाई अब सड़क की चौड़ाई के अनुसार तय होगी, यानी सड़क जितनी चौड़ी, उसी अनुपात में भवन ऊंचा बन सकेगा। पांच मीटर चौड़ी सड़क पर अब 21 मीटर तक की इमारत संभव होगी।
कैटेगरी अनुसार नए प्रावधान
➤ आवासीय भवन
पृथक भवन (150–250 वर्ग मी.)
सामने 2 मी., दाहिनी एवं बाईं 1.50 मी., पीछे 1.50 मीटर
अर्ध-पृथक (120–250 वर्ग मी.)
सामने 2 मी., दाहिनी एवं बाईं 1.50 मी., पीछे 1.50 मीटर
दो साझा दीवार वाले (90–120 वर्ग मी.)
सामने 2 मी., पीछे 1.50 मीटर
➤ व्यावसायिक भवन
स्वतंत्र दुकान 10–30 वर्ग मी.: सामने 2 मी., पीछे 1 मीटर
साझा दीवार 30–100 वर्ग मी.: सामने 2 मी., पीछे 1 मीटर
साझा दीवार 100–250 वर्ग मी.: सामने 2 मी., बाईं व दाहिनी 1.50 मी., पीछे 1 मीटर
250–500 वर्ग मी.: सामने 3 मी., बाईं व दाहिनी 2 मी., पीछे 1.75 मीटर
➤ पर्यटन इकाइयां
250–500 वर्ग मी.: 3—2—2—2 मीटर
500–1500 वर्ग मी.: 5—3—3—3 मीटर
1500–2500 वर्ग मी.: 7—4—4—4 मीटर
2500–4000 वर्ग मी.: 9—5—5—5 मीटर
➤ सिनेमा, सिनेप्लेक्स और मल्टीप्लेक्स
सिनेमा/सिनेप्लेक्स (4000 वर्ग मी.): 15—7.50—7.50—7.50 मीटर
मल्टीप्लेक्स (4000 वर्ग मी.): 15—9—9—9 मीटर
➤ मल्टीलेवल पार्किंग
500–1500 वर्ग मी.: 5—4—4—4 मीटर
1500–4000 वर्ग मी.: 10—5—5—5 मीटर
4000+ वर्ग मी.: 12—7.50—7.50—7.50 मीटर
पार्किंग व्यवस्था सख्त, बड़े प्रोजेक्ट पर बड़ा बदलाव
4000 वर्ग मीटर से बड़े व्यावसायिक और पर्यटन परिसरों में प्रति 100 वर्ग मीटर पर तीन कार पार्किंग स्थान अनिवार्य किए गए हैं। होटल, रिसॉर्ट, मॉल, मल्टीप्लेक्स और व्यावसायिक केंद्रों में यह मानक भीड़ और ट्रैफिक समस्या से निपटने की रणनीति का हिस्सा है। नए नियमों में हर निर्माण के लिए स्वामित्व प्रमाण अनिवार्य किया गया है ताकि विवादित भूमि पर निर्माण रोका जा सके। ऑक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए दिशानिर्देश सरल और समयबद्ध किए गए हैं।
