एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में रामपुर के सराहन क्षेत्र के गांव रंगोरी से संबंध रखने वाले हुक्म सिंह (हुक्की) ने उप प्रधान पद पर रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल की है। उनकी इस शानदार जीत से पूरे रामपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है और क्षेत्रवासियों द्वारा इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया जा रहा है।
सरकारी व गैर-सरकारी संगठनों ने दी बधाई
हुक्म सिंह की जीत पर रामपुर क्षेत्र के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। लोगों का कहना है कि सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण मंच पर हुक्म सिंह की जीत ने रामपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूरे प्रदेश में मजबूत किया है, जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
सामान्य परिवार से संघर्ष की सफलता तक का सफर
हुक्म सिंह (हुक्की) मूल रूप से गांव रंगोरी, रामपुर से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता किसान हैं और माता गृहणी। सामान्य परिवार से आने के कारण उन्हें अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना करना पड़ा, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने में कोई कमी नहीं छोड़ी और निरंतर आगे बढ़ते रहे।
भाई से मिली प्रेरणा, सेवा को बनाया लक्ष्य
उनके बड़े भाई नरेंद्र सैनी कॉलेज कैडर में राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर हैं और वर्तमान में रिकॉंगपिओ महाविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। हुक्म सिंह अपने छात्र जीवन से ही अपने भाई को प्रेरणास्रोत मानते हैं। उनका कहना है कि राजनीति और संगठन में सेवा एवं समर्पण की भावना उन्होंने अपने भाई से सीखी है, जिसे वे अपने जीवन का सौभाग्य मानते हैं।
छात्र राजनीति से संगठन तक मजबूत पहचान
हुक्म सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत छात्र जीवन से की। संजौली कॉलेज में अध्ययन के दौरान उन्होंने विभिन्न छात्र पदों पर कार्य किया और विश्वविद्यालय स्तर की छात्र राजनीति में भी अपनी सशक्त पहचान बनाई।
उन्होंने एनएसयूआई के तहत कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर कई पदों पर रहते हुए छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलनों का नेतृत्व किया और छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
शैक्षणिक उपलब्धियां
हुक्म सिंह ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में एमफिल की डिग्री प्राप्त की है, जो उनके वैचारिक और संगठनात्मक दृष्टिकोण को और सशक्त बनाती है।
कर्मचारी हितों के लिए निरंतर संघर्ष
छात्र जीवन के बाद हुक्म सिंह ने कर्मचारी संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कर्मचारियों के अधिकारों और समस्याओं को प्राथमिकता दी।
उप प्रधान बनने से पूर्व वे सचिवालय में संयुक्त सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं और कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाते रहे हैं।
उनकी यह जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि रामपुर क्षेत्र के लिए भी एक नई पहचान और प्रेरणा है।
