एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर के दत्तनगर स्थित मिल्क प्लांट में पिछले छह दिनों से दूध का संग्रहण न होने के कारण दुग्ध उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या को लेकर वीरवार को दुग्ध उत्पादक संघ ने मिल्क प्लांट परिसर में करीब चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। किसानों के लगातार दबाव और विरोध के बाद आखिरकार मिल्क प्लांट प्रबंधन ने दूध संग्रहण शुरू करने पर सहमति जताई।
दुग्ध उत्पादक संघ का कहना है कि दूध न उठाए जाने से किसानों का रोज़ाना उत्पादन बर्बाद हो रहा था, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा। संघ ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि सरकार द्वारा दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि किए जाने के बाद कई गरीब किसानों ने कर्ज लेकर गायें खरीदी हैं, लेकिन दूध न बिक पाने की स्थिति में वे अब बैंकों की किश्तें चुकाने में असमर्थ हो रहे हैं। इससे किसानों में गहरी चिंता और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
दुग्ध उत्पादक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दूध संग्रहण में इस तरह की लापरवाही दोहराई गई, तो संघ सरकार और मिल्क फेडरेशन के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। संघ की मांग है कि दूध संग्रहण की प्रक्रिया को नियमित और स्थायी रूप से सुचारु किया जाए, ताकि किसानों को दोबारा ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस धरना-प्रदर्शन में प्रेम चौहान, पूरन ठाकुर, रणजीत ठाकुर, तुलाराम, सुभाष, हेमराज हंगता, मोहन नेगी, दिलीप बिष्ट, मिलाप नेगी, ताबे राम, सुषमा, रीत और सुनील शर्मा सहित कई दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों के हितों की रक्षा की मांग की।
